Kabir Ke Dohe

फ़नी शायरी

फ़नी शायरी - गालीबाज़.लाइव

सितारों में आप, हवाओ में आप,
फिज़ाओ में आप, बहरो में आप,
धूप में आप, चाओं में आप,
सच ही सुना है कि….
बुरी आत्माओं का कोई ठिकाना नहीं होता


अर्ज किया है…
तेरे चेहरे पर उदासी, आँखों में नमी है,
तेरे चेहरे पर उदासी, आँखों में नमी है,
टाटा नमक इस्तेमाल करो,
क्योंकि तुम में आयोडीन की कमी है।

तेरे ग़म में तड़प कर मर जायेंगे,
मर गए तो तेरा नाम ले जायेंगे,
रिश्वत देकर तुझे भी बुलायेंगे,
तुम ऊपर आओगे तो साथ बैठकर कुरकुरे खायेंगे।

ज़िन्दगी में सदा मुस्कराते रहो,
फासले कम करो दिल से दिल मिलाते रहो,
दर्द कैसा भी हो कोई ग़म न करो,
आयोडेक्स खरीदो और लगाते रहो

दोस्तो हम उन्हें मुड़ मुड़कर देखते रहे,
और वो हमें मुड़-मुड़ कर देखते रहे,
वो हमें हम उन्हें, वो हमें हम उन्हें,
क्योंकि परीक्षा में न उन्हें कुछ आता था न हमे।