नॉनवेज विचार-गालीबाज़.लाइव
बड़ा हुआ तो क्या हुआ
या बड़े का छोटा हुआ क्या हुआ!!!
न आंड का न गांड का, ज्ञान चोदे ब्रह्माण्ड का !!
संबंध कभी भी जीतकर नहीं निभाए जा सकते,
संबंधों की खुशहाली झुकने और सहने से बढ़ती है..!!
फ्रिज का पानी कितना भी पी लो
प्यास तो चूत के पानी से ही बुझती है
सब्र कोई कमजोरी नही होती है,
ये वो ताकत होती है जो हिलाने से नहीं होती।
जिंदगी मे एक बार भरोसे का BHOSDA हो जाये ना,
तो हर भरोसे वाला BHOSD! वाला ही लगता है ।
मैंने माँगा था थोड़ा सा उजाला अपनी ज़िन्दगी में,
चाहने वालो ने तो मेरे झांटो में आग ही लगा दी
बाबा सेक्सी दास ने क्या खूब कहा है
C मारने का मज़ा भी तभी
आता है ग़ालिब, जब
*मौसम हो जाड़े का और bhosda हो भाड़े का!