Kabir Ke Dohe

दोहरा अर्थ वाले चुटकुले और शायरी

दोहरा अर्थ वाले चुटकुले और शायरी -गालीबाज़ लाइव

मांगता हूँ तो देती नहीं हो,
जवाब मेरी बात का

और देती हो तो खड़ा हो जाता है,
रोम-रोम जज्बात का,

मुंह में लेना तुम्हे पसंद नहीं,
एक भी कतरा शराब का,

फिर क्यों बोलती हो कि धीरे से डालो,
बालों में फूल गुलाब का,

वो सोती रही मैं करता रहा,
इंतज़ार उसके जवाब का,

अभी उसके हाथ में रखा ही था कि उसने पकड़ लिया,
गुलदस्ता गुलाब का,

उसने कहा पीछे से नहीं आगे से करो,
दीदार मेरे हुस्न-ओ-शबाब का,

उसने कहा बड़ा मज़ा आता है जब अन्दर जाता है,
कानो में एक एक लफ्ज़ तेरे प्यार का!


लिटा कर उनको नीचे हम सारी रात दबाते रहे
उनके सर के दर्द को हम इस तरह मिटाते रहे।।

उठा कर करो, सर झुकाकर करो,
लेटा कर करो, आगे पीछे दोनों तरफ से करो,
जितना करोगे उतना अच्छा महसूस होगा,
कितने फायेदें हैं बाबा बाम देव जी की योगा के!

उसने कहा और दबाओ, मैंने और दबाया!
उसने कहा बनियान निकल दो, फिर दबाओ, मैंने फिर दबाया!
उसने कहा पेंट भी निकाल दो, फिर दबाओ, मैंने फिर दबाया!
देखा हो गया न सूटकेस बंद।।

अर्ज़ किया है,
बादल गरजा शोर के साथ
बारिश भी हुई बडे जोर के साथ
जरा ध्यान रखना अपनी गर्लफ्रैंड का
कहीं भाग ना जाए किसी ओर के साथ।।

जब पकड़ कर उसका थोडा सा दबाया, हाथ
तब जाकर हकीम नब्ज़ की जांच कर पाया।।

आखों पे काजल होटों पे लाली
दिल तोड़कर चली गई चुड़ैल साली।।

सुला के लू,
या बिठा के लू?
या तुझे करू खड़ा,
या फिर तेरी झुका-झुका के लू?
अब तू ही बता कि मैं तेरी फोटो कैसे लू.

बार करो न प्लीज़,
किसी को पता नहीं चलेगा,
प्लीज़ करो ना, मुझे अच्छा लगेगा,
एक बार हमारी दोस्ती की खातिर,
कर दो न प्लीज़, एक प्यारा सा एस एम् एस!

कुछ तो था उसके होठो पर
न जाने हम से क्यों शर्माती थी
एक दिन हसी तब पता चला
कमीनी तम्बाखू खाती थी।।

तुम्हारी अदाओं और निगाहों ने
जानेमन किया है ऐसा असर,
की सपने में भी तुम आ जाओ
तो जाते हैं प्रिये हम डर।।